21.8.16 अव्यक्त मुरली, Revise 6.11.81 से मीठे बापदादा द्वारा मिले हुए हम ब्राहमणों को १६ टाइटल, जो टाइटल ही हमारे स्वमान है. रोज एक स्वमान लेकर पुरुषार्थ करें.


  1.     विश्व कल्याण के कार्य के आधारमूर्त

  2.     विश्व परिवर्तन करनेवाले विशेष आत्माए

  3.     बापदादा जिसे विशेष नजर से देखते है ।

  4.     महान आत्मा

  5.     पुण्य आत्मा

  6.     पुरुषोत्तम आत्मा

  7.     देवात्मा

  8.     विशेष आत्मा

  9.     विशेष पार्टधारी

10.     बापदादा के सहयोगी

 11.     स्व की विशेषता द्वारा विशेष कार्य करनेवाले

12.     सदा विशेषता को देखनेवाले

13.     विशेषता को कार्य में लगानेवाले

14.     विशेष समय सेवा में लगाय सेवा का प्रत्यक्ष फल खानेवाले

15.     सदा संतुष्ट आत्मा

16.     सदा संतुष्टता की किरणों द्वारा सर्व को संतुष्ट करनेवाले


        स्लोगन : विशेषता के बीज का सबसे श्रेष्ठ फल है संतुष्टता

        संतुष्ट रहना और सर्व को संतुष्ट रखना सर्व को यह है विशेष युग का विशेष फल

        विशेषता के वरदान वा बीज को सर्व शक्तियों के जल से सींचो तो फलदायक हो जायेंगे

        बापदादा ने क्या क्या दिया है हम बच्चो को?

        वरदान : बापदादा ने विशेषता के वरदान का शक्तिशाली बीज हम सभी बच्चो को दिया है. सिर्फ विधिपूर्वक फलदायक बनाओ.


राजयोगिनी ब्रहमाकुमारी नलिनी दीदीजी (घाटकोपर, मुंबई)